अमर शहीद वीरांगना झलकारी बाई कोरी का जन्मदिन नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर व नेत्र शल्य चिकित्सा से मनाया गया।


 फुर्सतगंज /अमेठी । नहर कोठी चौराहे पर कबीर सद्भावना वीवर्स ट्रस्ट उ०प्र० द्वारा जगरानी आई केयर सेंटर पर समाज सेवी देवेन्द्र भारती एवं नीलम भारती कोरी भाजपा जिलामंत्री के संयोजन में अमर शहीद वीरांगना झलकारी बाई कोरी के पावन जन्मदिन के अवसर पर नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया! जिसमें मुख्य अतिथि राजेश्वरी भरसैया जनरल मैनेजर (इ.सि.) एयरपोर्ट्स अथारिटी ऑफ इण्डिया फुरसतगंज एयरपोर्ट अमेठी, विशिष्ट अतिथि दिलीप पटेल, ओम पाल सिंह वीरांगना झलकारी बाई कोरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नि:शुल्क शिविर का शुभारंभ किया।
राजेश्वरी भरसैया जनरल मैनेजर (इ.सि.) एयरपोर्ट्स अथारिटी ऑफ इण्डिया फुरसतगंज एयरपोर्ट अमेठी, वीरांगना झलकारी बाई कोरी के चित्र पर पुष्प अर्पित करती हुई।

 डॉ अनुज सिंह कुशवाहा (नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं फेको सर्जन) एवं उनकी टीम द्वारा मरीजों का परीक्षण एवं उपचार के साथ नि:शुल्क दवा वितरण किया। इस अवसर पर नीलम भारती कोरी भाजपा जिला मंत्री ने बताया कि औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर नहीं मिला किन्तु वीरता और साहस गुण उनमें बालपन से ही दिखाई देता था। किशोरावस्था में झलकारी की शादी झांसी के पूरन कोरी से हुई जो रानी लक्ष्मीबाई के यहाँ तोपची थे। झलकारी की सूरत लक्ष्मीबाई से सुबह मिलती थी। उनके हुनर को देखकर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने उन्हें सेवा के महिला दस्ते दुर्गा दल की सेनापति बनाया उनकी वीरता के चर्चे दूर-दूर तक होने लगे साथ संचालन और बोर्ड सवारी में निपुण साहसी योद्धा झलकारी अब लक्ष्मीबाई ही लगती थी 1857 में असंख्य अंग्रेजों को मौत के घाट उतारने के बाद स्वयं वीर गति को प्राप्त किया।


 जिसमें 245 मरीजों की जांच हुई और जांच में मोतियाबिंद के 12 मरीज मिलने को ऑपरेशन के लिए नीलम भारती ने एम्बुलेंस द्वारा नि:शुल्क रायबरेली नेत्र चिकित्सालय अस्पताल में रवाना किया ।


इस अवसर पर कबीर सद्भावना वीवर्स ट्रस्ट की अध्यक्ष दशावती, सुरेश कमल , प्रधान राम विशुन कोरी, प्रधान सतनाम कोरी, समाजसेवी अमर सिंह, श्री राम, शैलेश कुमार, जितेन्द्र राव, महेन्द्र भारती, राम नाथ भारती, डी.के पाण्डेय, चंद्रकांत कोरी, राकेश कुमार मौर्य, देवेन्द्र भारती, अनिल कुमार गौतम, राजेश राज्य, राज कुमार कोरी,राम नारेश कोरी,अजय कोरी , अन्य के अतिरिक्त गण मान्य जन उपास्थि रहे।

रिपोर्ट- देवेन्द्र भारती 

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