इन्दौर ! अमर शहीद वीरांगना झलकारी बाई कोरी देश की वह महान क्रांतिकारी योद्धा थी, जिनका सम्पूर्ण जीवन देश व झांसी की आजादी और रानी लक्ष्मीबाई के प्राणों की रक्षा के लिए समर्पित रहा, ऐसी महान क्रांतिकारी योद्धा के जीवन से प्रेरणा लेकर कोली/कोरी समाज के विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना होगी।
यह उद्गगार अखिल भारतीय वीरांगना झलकारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश महावर कोली ने आदर्श पूर्वी कोरी समाज द्वारा गौरी नगर में आयोजित महिलाओं द्वारा आयोजित झलकारी जन्मोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथी व्यक्त किए. इस अवसर पर श्री महावर ने वीरांगना झलकारी बाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वीरांगना झलकारी बाई का आदर्श जीवन उनके अदम्य शौर्यता, साहस व पराक्रम से भरा हुआ था, वे एक निडर व साहसी योद्धा थी, उन्होंने मात्र 12 वर्ष की उम्र में खूंखार चीते का वध किया, वहीं झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को झांसी के किले से रानी की वेषभूषा पहनकर सुरक्षित निकाल कर फिरंगी अंग्रेज दुश्मनों से लगातार तीन दिन तक युद्ध करते हुए शहीद हुई. श्री महावर ने कहा कि झलकारी बाई के त्याग और बलिदान से प्रेरणा लेकर महिलाओं को समाज की सेवा के लिए आगे लाने की आवश्यकता है, क्यों कि महिलाएं ही अपने परिवार की तरह समाज को भी नई दिशा दे सकती है.
वरिष्ठ पत्रकार हीरालाल वर्मा ने कहा कि जब झांसी की महान योद्धा झलकारी बाई को कोई नहीं जानता था, उस समय भाई प्रकाश महावर ने 1996 में झलकारी जयंती का कार्यक्रम आयोजित कर पहचान दिलाई, आज मध्यप्रदेश में जहां भी कार्यक्रम हो रहे हैं, उसका श्रेय भी इन्दौर को जाता है यह हमारे लिए गौरव की बात है.
इस अवसर पर समाजसेवी विजय धीमान, विजय सिजौरिया, आदर्श पूर्वी कोरी समाज के पूर्व अध्यक्ष सुरेश वर्मा, वर्तमान अध्यक्ष शैलेन्द्र वर्मा, महिला अध्य पक्ष पूर्णिमा वर्मा, सुनिता वर्मा, किरण वर्मा, छेदीलाल वर्मा, कैलाश देपाले आदि ने भी विचार रखे.
अतिथियों का स्वागत श्रीमती रेखा वर्मा, प्रेम वर्मा, कमल वर्मा, संध्या वर्मा, आशा वर्मा, देवेंद्र वर्मा, पूनम वर्मा, राजेश वर्मा, राजकुमार वर्मा, दीपक वर्मा, हंसराज वर्मा आदि ने किया. कार्यक्रम का संचालन आदर्श पूर्वी कोली समाज के सचिव सुनील वर्मा ने एल न अंत में कोषाध्यक्ष महेंद्र वर्मा ने आभार व्यक्त किया।


