फुरसतगंज /अमेठी।। खुदी को कर इतना बुलंद, खुदा अपने बंदे से पूछे बता तेरी राजा क्या है । यह कहावत कुलसचिव जितेंद्र सिंह के ऊपर सटीक बैठती है, कुलसचिव को खुद पर एवं न्यायपालिका पर विश्वास था अपने मान और सम्मान की एक लंबी लड़ाई लड़ी, जिसमें न्यायालय द्वारा उन्हें सा सम्मान बरी किया । इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 22 मई 2024 को राजीव गाँधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव जितेंद्र सिंह बनाम भारत सरकार वाले मामले में दो न्यायमूर्तियों वाली बेंच ने एक एतिहासिक फैसला सुनाया।
कुल सचिव जितेंद्र सिंह को न्यायालय ने सा सम्मान किया बरी
भारत सरकार के संविदात्मक संयुक्त सचिव एवं कार्यवाहक कुलपति एवं अन्य ने दिनांक 08 जनवरी 2020 को राजीव गाँधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री जितेंद्र सिंह को असंवैधानिकपूर्ण तरीके से उन्हे उनके पद से दबावपूर्वक हटा दिया था जिसके बाद जितेंद्र सिंह ने इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ पीठ में भारत सरकार के संविदात्मक संयुक्त सचिव एवं कार्यवाहक कुलपति एवं अन्य खिलाफ याचिका दायर की जिसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव जितेंद्र सिंह ने भारत सरकार के संविदात्मक संयुक्त सचिव एवं कार्यवाहक कुलपति एवं अन्य द्वारा उनपर किए गए असंवैधानिक अन्याय के खिलाफ एक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।
हमें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है - जितेंद्र सिंह
आखिरकार, लगभग 04 वर्ष की कानूनी लड़ाई के लंबे अंतराल के बाद, इलाहाबाद हाइकोर्ट की लखनऊ पीठ ने दिनांक 22 मई 2024 को राजीव गाँधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव श्री जितेंद्र सिंह बनाम भारत सरकार वाले मामले में दो न्यायमूर्ति वाली बेंच जिसमें माननीय मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह ने जितेंद्र सिंह को भारत सरकार के द्वारा पारित सभी कार्यालय आदेशों को एक सिरे से निरस्त किया जिसमें जितेंद्र सिंह का भारत सरकार द्वारा पारित असंवैधानिकपूर्ण निलंबन आदेश भी शामिल है।
साथ ही, मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह ने जितेंद्र सिंह की विशेष अपील वाली याचिका को स्वीकार करते हुए, उनपर भारत सरकार द्वारा लगाए गए सभी गैर कानूनी आरोपों को नष्ट किया, उनपर बैठाई गयी गैर-कानूनी जांच समिति और उनकी कार्यप्रणाली को निरस्त किया तथा राजीव गाँधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव जितेंद्र सिंह को उनके पूरे कार्यकाल का वेतन / बकाया देने का आदेश भारत सरकार को दिया। जितेंद्र सिंह की नियुक्ति कुलसचिव के पद पर, मार्च, 2019 को भारत के राष्ट्रपति द्वारा 03 वर्ष के लिए विमानन विश्वविद्यालय में हुई थी।
मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली एवं न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह ने भारत सरकार को 06 हफ्ते के भीतर, आदेश के अनुपालन करने का आदेश दिया है।

