राष्ट्रीय फाइलेरिया कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु फीता काटकर किया शुभारंभ- विधायक अशोक कुमार

 


सलोन/रायबरेली।। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सलोन में भाजपा विधायक अशोक कुमार कोरी द्वारा राष्ट्रीय फाईलेरिया अभियान 10 अगस्त 2024 से 2 सितम्बर 2024 तकको सफल बनाने हेतु फीता काटते हुये अपने कर कमलो द्वारा प्रिया कौशल, अर्पणा पाण्डेय, पूनम, कुसुम पटेल एवं ऋषभ शुक्ला आदि को दवा खिला कर उदघाटन कर शुभ आरम्भ किया गया एवं अभियान के सफल क्रियान्वन हेतु विकास खण्ड सलोन के अन्तर्गत मानक के अनुरूप समस्त नागरिकों को दवा खाने हेतु भी प्रेरित किया गया 


विधायक अशोक कुमार कोरी ने बताया कि भाजपा सरकार लोगों के स्वास्थ्य के प्रति बहुत ही सजग है । स्वस्थ नागरिक ही देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है इसीलिए हम सभी से अपील करता हूं कि फाइलेरियारोधी दवा का सेवन बहुत जरूरी है यह नहीं सोचना है कि हम सामान्य हैं तो दवा क्यों खाएं लेकिन दवा का सेवन इसलिए जरूरी होता है क्योंकि फाइलेरिया का संक्रमण होने के बाद फाइलेरिया के लक्षण 10 से 15 साल बाद दिखाई देते हैं और तब तक हम जाने अनजाने रोग के प्रसार मे सहयोग करते रहते हैं। |फाइलेरियारोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रमाणित हैं बस इस बात का ध्यान रखें कि दवा खाली पेट नहीं खानी है । 


इस मौके पर सलोन सीएचसी अधीक्षक डॉ अमित कुमार सिंह ने कहा कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से होती है | इससे जान तो नहीं जाती है लेकिन पीड़ित जीवन भर के लिए दिव्यांग हो जाता है | इससे बचने का उपाय है मच्छर से बचना और साल में एक बार आयोजित आईडीए अभियान के तहत फ़ाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करना | आईडीए अभियान के तहत लगातार तीन साल तक साल में एक बार फ़ाइलेरियारोधी दवा के सेवन से इस बीमारी से बचा जा सकता है | उन्होंने कहा कि अभियान के तहत तीन दवाएं अल्बेंडाजोल, डाईइथाइल कार्बामजीन और आइवरमेक्टिन खिलायी जाएगी | यह दवा दो साल से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और गंभीर बीमारी से पीड़ित को छोडकर सभी को खानी है | फ़ाइलेरिया पीड़ितों को भी फ़ाइलेरियारोधी दवा का सेवन करना है |


स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डाक्टर शुभ करन फ़ाइलेरियारोधी दवा सेवन के बाद कुछ लोगों में चक्कर आना, पेट में दर्द, उल्टी जैसी प्रतिक्रिया देखने को मिलती है | इससे घबराने की जरूरत नहीं है | इससे पता चल गया कि शरीर में फ़ाइलेरिया के परजीवी थे | फ़ाइलेरियारोधी दवा सेवन के बाद फ़ाइलेरिया के परजीवियों के मरने के परिणामस्वरूप यह प्रतिक्रिया होती है | घबराने की जरूरत नहीं है | यह अपने आप कुछ देर में ठीक हो जाते हैं | इस बात का ध्यान रखें कि खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है | इस अवसर पर देवेंद्र भारती, प्रदीप कुमार पटेल, (एच एस) हर प्रताप यादव, मिठाई लाल गुप्ता, फूलचंद मौर्या, अकाउंटेंट मैनेजर उदयभान, रमेश कछवाह , मुकेश बोरा, राजेश कुमार आदि लोग उपास्थि रहे।


रिपोर्ट- देवेन्द्र कोरी

Post a Comment

Previous Post Next Post