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अमेठी। अमेठी संसदीय क्षेत्र से सांसद बने किशोरी लाल शर्मा का एक साल का कार्यकाल सक्रिय जनसेवा, भ्रष्टाचार के विरुद्ध सशक्त आवाज और विकास कार्यों की सार्थक पहल के रूप में सामने आया है। संसद में प्रभावी उपस्थिति के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं के समाधान के लिए उनका समर्पण साफ देखा गया।
चाहे वह जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार का मामला हो या फिर राजीव गांधी विमानन विश्वविद्यालय में वर्षों से लंबित कुलपति और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (इग्रुआ) में निदेशक की नियुक्ति—सांसद श्री शर्मा ने इन सभी मुद्दों को लोकसभा में प्रमुखता से उठाया। संसद में प्रश्न के बाद सरकार को मजबूर होकर विमानन विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति और इग्रुआ में पूर्णकालिक निदेशक की नियुक्ति करनी पड़ी।
इसके साथ ही उड़ान अकादमी को 25 करोड़ रुपये का अनुदान भी स्वीकृत हुआ। जल जीवन मिशन के तहत अमेठी में भ्रष्टाचार का मामला उठाते हुए उन्होंने कहा कि नल योजना के बावजूद अधिकांश घरों में जल आपूर्ति नहीं हो पाई है। इसके परिणामस्वरूप क्षेत्रीय प्रशासन सक्रिय हुआ और सुधार की दिशा में प्रयास तेज किए गए। इसी प्रकार रायबरेली-अमेठी राजमार्ग को फोरलेन बनाए जाने की मांग उन्होंने संसद में उठाई और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भी लिखा।
जनसंपर्क की दृष्टि से भी सांसद श्री शर्मा का एक वर्ष सक्रिय रहा। वे लगभग 25 बार अमेठी आए और 70 दिन क्षेत्र में प्रवास किया। इस दौरान उन्हें 3350 से अधिक प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 2853 मामलों में उन्होंने यथासंभव कार्यवाही कराते हुए समाधान का प्रयास किया। विदेश में फंसे आठ अमेठीवासियों को स्वदेश लौटवाने में भी उन्होंने मदद की। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 99 किमी लंबी 14 सड़कों का निर्माण पूर्ण कराया गया, जबकि रायबरेली जनपद में 32.5 किमी लंबाई की 13 सड़कें निर्माणाधीन हैं। बार एसोसिएशनों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं गईं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। गंभीर रोगों से पीड़ित सैकड़ों मरीजों के इलाज हेतु लगभग तीन करोड़ रुपये की आर्थिक मदद विभिन्न मदों से दिलाई गई, जबकि लगभग 1000 मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा दिलाने का प्रयास किया गया। संजय गांधी अस्पताल, मुंशीगंज में ओपन हार्ट सर्जरी, अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर, आधुनिक एम्बुलेंस और कैंसर यूनिट जैसी नई सुविधाओं का शुभारंभ कराया गया। सांसद निधि से 07 ट्रांसफार्मर, 06 स्थानों पर विद्युतीकरण, सैनिक स्कूल के लिए 32 सीटर बस, 2233 सोलर स्ट्रीट लाइटें और 48 हाईमास्ट लाइटें लगवाई गईं। संजय गांधी अस्पताल में वेंटिलेटर, सीसी रोड और इंटरलॉकिंग सड़कों के निर्माण हेतु भी प्रस्ताव स्वीकृत हुए।
सांसद शर्मा ने जनप्रतिनिधि के रूप में नाम की बजाय काम को प्राथमिकता दी है। चौपाल लगाकर जनसमस्याएं सुनीं, दुर्घटनाओं में प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर संवेदना जताई, और जन संघर्षों में साथ खड़े होने का वादा निभाया। उनका एक वर्षीय कार्यकाल इस बात का प्रमाण है कि संसद से सड़क तक यदि जनप्रतिनिधि सक्रिय हो, तो व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव संभव है।


