संत गाडगे बाबा को भारत के स्वच्छता अभियान के जनक का हो राष्ट्रीयकरण - अरविन्द चौधरी


रायबरेली। अखिल भारतीय सन्त गाडगे अम्बेडकर क्रान्ति महासभा उ0प्र0 के तत्वाधान में लोकहितवादी लोक कल्याणकारी निष्काम कर्मयोगी संत गाडगे महराज की 66वीं पुण्य तिथि जिलाधिकारी निवास के पास स्थापित गाडगे महराज की मूर्ति परिसर क्षेत्र में मनायी गयी।

 इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द चौधरी एडवोकेट ने कहा कि गाडगे महराज सामाजिक क्रान्ति के अग्रदूत थे। चौधरी ने कहा कि महराज अपढ़ होते हुए भी शिक्षा के महत्व को बखूबी जानते थे, उनका मानना था कि निरक्षरता अन्याय की जन्मदात्री है। ‌चौधरी ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करके ही हम उनके मिशन को आगे बढ़ा सकते हैं हम सभी को उनके दिखाये रास्ते पर चलकर समाज का उत्थान करना है। श्री चौधरी ने बताया कि पूज्य महाराज भिखारी, अपंग, पागल लोगों की बढ़ती संख्या से महराज चिंतित रहते थे, आज हम सभी को इस कुव्यवस्था को दूर करने की आवश्यकता है

चौधरी ने कहा कि हमें अपने महापुरूषों से प्रेरणा लेनी चाहिए एवं मानवता के लिए कार्य करना चाहिए। चौधरी भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु से मांग की है कि भारत के स्वच्छता अभियान के जनक बाबा गाडगे जी का राष्ट्रीयकरण हो। युवा अधिवक्ता गोविन्द सिंह चौहान ने बताया कि बाबा संत गाडगे महाराज सर्वसमाज सुधारक के रूप में कार्य किया था। 

समाज के सभी लोगो को सन्त गाडगे महराज जी से प्रेरणा लेनी चाहिए। युवा नेता कौशलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि सनत गाडगे बाबा लोक सेवा स्वच्छता के प्रतीक, बुद्ध की विचारधारा के प्रबल समर्थक, पाखण्ड मनुवादी विचारधारा के कट्टर विरोधी थी, शिक्षा के प्रचारक श्रमजीवी महापुरूष थे।  
इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व सभासद अर्जुन यादव, मनीष निर्मल, अशोक निर्मल, पवन प्रताप सिंह, सुरेश कुमार रजक, शशांक पटेल, मोहित यादव, सुनील सिंह मेजर, संतोष निर्मल आदि लोगों ने पूज्य महाराज जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।

रिपोर्ट- भारती

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