अग्निशमन सेवा सुरक्षा सप्ताह अंतर्गत जन जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित।


 अमेठी। अग्निशमन सेवा सुरक्षा सप्ताह एवं ग्रीष्मकालीन मौसम को ध्यान में रखते हुए फायर स्टेशन अमेठी द्वारा आज  अग्नि सुरक्षा जन-जागरूकता/प्रशिक्षण आग से अमेठी को सुरक्षित रखने हेतु आमजनमानस को जागरूक करने हेतु जन-जागरूकता अभियान/प्रशिक्षण का आयोजन शिवदरस प्रसाद अग्निशमन अधिकारी अमेठी द्वारा सेपीएन्स स्कूल, रणंजय इंटर कॉलेज, मदर गीता इंटरनेशनल स्कूल, मनीषी महाविद्यालय में अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को जागरुक करते हुए आग लगने के सम्भावित कारकों के बारे में विस्तार से जानकारी देकर आग को काबू करने के उपकरणों व उनके प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

 इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के फायर एक्सटिंग्यूशरों को चलाने के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए उनके रख-रखाव के सम्बन्ध में छात्र छात्राओं को प्रशिक्षण देकर जागरूक किया गया तथा प्रशिक्षुओं को फायर एक्सटिंग्यूशर चलाने, आग बुझाने के अनेक तरीकों सहित गैस रिसाव, गैस सिलेण्डर की आग को सरलता से बुझाने एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के समय आग से बचाव हेतु विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि बिस्तर में लेटकर सिगरेट-बीड़ी का प्रयोग मत कीजिए। बिना बुझाए हुए बीड़ी-सिगरेट के टुकड़ों को लापरवाही से इधर-उधर मत फेकिए।

 दियासलाई अबोध बालकों की पहुँच से बाहर रखिये। भोजन बनाने के पश्चात चूल्हे के ईधन को पूर्ण रूप से बुझा दें। भोजन बनाते समय अपने शरीर के कपड़ों का प्रयोग चुल्हे पर चढ़े बर्तनों को उतारने में न करें। अपने ढीले-ढाले आँचल को भोजन बनाते समय बाँध कर रखें और उसे चूल्हे व स्टोव की आग की लपटों से बचाकर रखें। जलते हुए स्टोव व लालटेन में मिट्टी का तेल न भरें। 

मोमबत्ती, चिराग, अंगीठी का अगर इस्तेमाल करना पड़े तो उसे सुरक्षित स्थान पर करें। बच्च्चों को सुक्षाव दे कि त्योहार के अवसर पर घर के बाहर या सुरक्षित स्थान पर ही पटाखों को सावधानी पूर्वक छुड़ाये। बच्चे यदि छोटे हो तो बड़े उपस्थित रहे। अच्छा होगा यदि एक बाल्टी पानी बचाव के लिए भरकर रख लें। घर में बिजली के कटे-फटे तारों को तुरन्त बदलवा दें या मरम्मत करा लें। सही ढ़ग का फ्यूज लगायें व एक ही प्लग पर कई यंत्र न लगायें। 

कार्यालय व घरों के विद्युत स्टोव और आइरन प्रेस का प्रयोग करने के पश्चात् प्लग निकाल कर तभी हटें। कुकिंग गैस सिलेण्डर में तनिक भी लीकेज का आभास होते ही पास-पड़ोस की अन्य अंगीठियों व जलती हुई बीड़ी-सिगरेट को तुरन्त बुझा दें। जब तक घर का वायुमण्डल शुद्ध न हो जाये दियासलाई मत जलायें। लीक करने वाले सिलेण्डरों को तुरन्त घर के बाहर खुले स्थान पर निकाल कर रख दें और गैस कम्पनी को सूचित कर साथ ही साथ गैस लीकेज बन्द करने का प्रयत्न करें।

 रात्रि में सोने से पहले गैस सिलेण्डर का वाल्व बन्द करना न भूलिए। गैस का रबड़ पाइप अधिक पुरानी होने पर इसे बदलवा दें। जलाने से पहले सुनिश्चित कर लें कि गैस की गंध तो नहीं आ रही है। एक ही कमरे में गैस का चूल्हा, अंगीठी बौर बिजली का स्टोव एक साथ मत जलाइये। गैस का सिलेण्डर सदैव खडा रखिये। अपने मकान, दुकान व कारखानों के पास के आग बुझाने वाले फायर हाईड्रेन्ट या पानी के अन्य स्रोतों की जनकारी रखिये।

 यह खराब हो, खुले हों तो इसकी शिकायत जल संस्थान और अग्निशमन केन्द्र को तुरन्त करिये और सुनिश्चित कर लीजिए कि यह शीघ्र ही ठीक कर दिये गये हैं। अपने मकानों, दुकानों और कारखने में कुछ अग्निशमन यंत्र अवश्य रखिये और उसके प्रयोग विधि की जानकारी प्राप्त करिये। इस विषय पर अपने क्षेत्र के अग्निशमन केन्द्र से मदद लीजिए। आग जलने पर शोर मचा कर मकान के समस्त लोगों को आगाह कीजिए, ताकि वे निकल कर बाहर आ सकें। आग लगने पर फायर बिग्रेड को टेलीफोन करके अवश्य बुलवाए, इसकी सेवायें हर समय निःशुल्क उपलब्ध है। 

अपने क्षेत्र के फायर स्टेशन का टेलीफोन नम्बर याद रखिये। पुलिस थाने पर भी आग की सूचना दी जा सकती है। फायर बिग्रेड को सूचना देते समय घबराई हुई आवाज में मत बोलिए। मन को शांत करके साफ-साफ अपना नाम व पता लिखवाएं और बिग्रेड के तत्काल पहुँचने का मुख्य स्थान समझा दीजिए। मकान से बाहर सड़क पर खड़े होकर अग्निशमन गाड़ी की प्रतिक्षा कीजिए और गन्तव्य स्थान तक ले जाइए। फायर बिग्रेड के पहुँचने तक हर सम्भव उपाय से आग बुझाने की कोशिश कीजिए। 

घी, तेल व पेट्रोलियम से आग को मत बुझाइए, फायर एक्सटिंग्युशर, पानी या मिट्टी और बालू से बुझाइये। बिजली की आग होने पर प्रथम बिजली के मेन स्विच ऑफ कीजिए तत्पश्चात् कार्बनडाई आक्साईड या ड्राई पाउडर एक्सटिंग्यूशर अथवा सूखी मिट्टी और बालू से बुझाइए। अपने कपड़ों में आग लगने पर भागिए नहीं, हो सके तो कम्बल लपेटिये अथवा जमीन पर लेटकर लुढ़कें। फायर ब्रिगेड आने पर उसकी सहायता लीजिए, बेकार भीड़ न लगाइये। आग से घिर जाने पर खिड़की, दरवाजो आदि पर जाकर शोर मचाकर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कीजिए।


 भारी चीज जैसे मेज, अलमारी आदि से रस्सी या कपड़ा बांधकर उसके सहारे उतरने की काशिश कीजिए। छत से छलांग मत लगाइए। आग को फैलने से रोकने के लिये मकान छोड़ देने के पश्चात् फायर बिग्रेड आने तक दरवाजे खिड़कियों को बन्द रखिये। जागरूकता अभियान के दौरान सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं व अध्यापकगणों सहित अग्निशमन तथा आपात सेवा केन्द्र अमेठी के प्रशिक्षक फायरमैन आशीष सिंह, पवन सिंह, अमित कुमार, रणजीत यादव एवं फायर सर्विस कर्मी मौजूद रहे।


रिपोर्ट- भारती

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