जब तक हम बौद्धों को हमारा महाविहार पूर्णतः नहीं मिल जाता तब तक यह आन्दोलन चलता रहेगा - भिक्खू बुद्ध प्रकाश
रायबरेली !बाबा साहब डॉ0 अम्बेडकर प्रतिमा स्थल पर महाबोधि महाविहार बोधगया मंदिर को अबौद्धों से मुक्त कराए जाने एंव बीटीएमसी एक्ट 1949को रदद कर पूर्ण रूप से बौद्धों को सौंपे जाने को लेकर रायबरेली में 4 मार्च 2025 से भिक्खू संघ के नेतृत्व में चल रहे अनिश्चित कालीन क्रमिक अनशन के सातवें दिन बौद्ध अनुयाइयों एंव विहार के पदाधिकारियों ने भिक्खू कमल शील, भिक्खू जितेन्द्र वर्धन, भिक्खू विमल, बोधि भिक्खू, भिक्खू बुद्ध प्रकाश,भिक्खू नाग प्रिय को समर्थन कर रोष व्यक्त करते हुए
उक्त मांगों को लेकर देश के महामहिम राष्ट्रपति महोदय, द्वारा जिला अधिकारी महोदय रायबरेली , को सम्बोधित मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट महोदय को को सौंपा ज्ञापन।
क्रमिक अनशन की अध्यक्षता भिक्खू जितेन्द्र वर्धन एंव बुद्ध विहार के अध्यक्ष राम शंकर गौतम ने किया। भिक्खू संघ ज्ञापन देते हुए कहा है कि जब हिंदू मंदिरों में ब्राह्मण, मस्जिद में मौलवी, चर्च में पादरी और गुरुद्वारे में ग्रंथी होते हैं, तो महाबोधि महाविहार का पुजारी बौद्ध भिक्खू क्यों नहीं हो सकता।
और जब तक हम बौद्धों को हमारा महाविहार पूर्णतः नहीं मिल जाता तब तक यह आन्दोलन चलता रहेगा।बौद्ध अनुयाई रवींद्र कुमार बंसल, बवन लाल, शिवशंकर, राजकुमारी सिद्धार्थ, संगीता बौद्ध, बुद्ध प्रकाश नाग, राधेश्याम, रामरूप चौधरी, राधेश्याम मौर्य, वासुदेव मौर्य, हरिश चन्द्र, सौम्या बौद्ध, श्रेया बौद्ध, राजेश राज, दीपक मौर्या आदि दर्जनों बुद्ध अनुयायियों ने राष्ट्रपति से मांग की है कि इस असंवैधानिक अधिनियम को निरस्त किया जाए।
साथ ही महाबोधि मंदिर का पूरा प्रशासनिक नियंत्रण बौद्ध समुदाय को सौंपा जाए।

